श्री विष्णु मंदिर जांजगीर (Loard vishnu temple janjgir dpatel67893 )
श्री विष्णु मंदिर जांजगीर (Loard vishnu temple janjgir dpatel67893 )
जांजगीर-चाम्पा का एक प्रमुख प्राचीन स्थल है भगवान विष्णु मंदिर। मंदिर जांजगीर नैला में स्थित है। यह जांजगीर नैला रेलवे स्टेशन से करीब 4 किलोमीटर दूर है। मंदिर इसलिए अनोखा है क्योंकि यह अपने निर्माण काल से अधूरा है और कभी पूरा नहीं किया जा सका। यही अब इस मंदिर की पहचान है। यह मंदिर भीमतालाब के पास बना हुआ है। पूरा मंदिर पत्थरों से बना है और बहुत ही सुंदर है।
इसे नागर शैली में बनाया गया है और पूरे मंदिर का निर्माण बलुआ पत्थर से किया गया है। मंदिर के प्रवेश द्वार में भी सुंदर कारीगरी की गई है। मंदिर के चारों तरफ बगीचा है। मंदिर के अंदर गर्भ गृह में किसी भी देवी-देवता की प्रतिमा विराजमान नहीं है। इस मंदिर को नकटा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।
बाद में उन मूर्तियों को मंदिर की मरम्मत करते समय
बताते हैं कि छत्तीसगढ़ के कल्चुरी नरेश जाज्वल्य देव प्रथम ने भीमा तालाब के किनारे 11 वीं शताब्दी में एक मंदिर का निर्माण करवाया था। यह मंदिर भारतीय स्थापत्य का अनुपम उदाहरण है। यह पूर्वाभिमुखी है, और सप्तरथ योजना से बना हुआ है। इस मंदिर की खासियत है कि यहां पर शिखरहीन विमान मात्र ही मौजूद है। गर्भगृह के दोनों ओर दो कलात्मक स्तंभ हैं, जिन्हें देखकर आभास होता है कि पुराने समय में मंदिर के सामने महामंडप निर्मित था, परन्तु अब उसके अवशेष ही रह गए हैं।
पर जड़ दिया गया। मंदिर के चारों ओर अन्य कलात्मक मूर्तियों में भगवान विष्णु के दशावतारों में से वामन, नरसिंह, श्री कृष्ण और श्री राम की प्रतिमाएं स्थित हैं। छत्तीसगढ़ के किसी भी मंदिर में रामायण से सम्बंधित इतने दृश्य नहीं मिलते, जितने इस विष्णु मंदिर में हैं। इतनी सजावट के बावजूद मंदिर के गर्भगृह में कोई मूर्ति नहीं है। आज तक यह मंदिर सूना है और एक दीप के लिए तरस रहा है।
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